इस तस्वीर का पाठ पढ़ें
पात्रता की जाँच: क्या तैयार रखें · दिशानिर्देश और FAQ के अनुसार
- खेती की ज़मीन : ज़मीन का रिकॉर्ड
- आधार : आधार से जुड़ा बैंक खाता
- चालू मोबाइल नंबर : OTP और सूचना के लिए
- e-KYC : पोर्टल पर अनिवार्य बताई गई
अगर आप जानना चाहते हैं कि पीएम किसान योजना पात्रता में आपका परिवार आता है या नहीं, तो इस पेज पर पूरा जवाब है। यहाँ बताया गया है कि कौन पात्र है, कौन पात्र नहीं है, 1 फरवरी 2019 की कट-ऑफ तारीख का क्या मतलब है, रजिस्ट्रेशन में कौन सी जानकारी माँगी जाती है और लोग कहाँ गलती करते हैं। हर नियम के साथ स्रोत लिखा है।
PM Kisan eligibility: कौन पात्र है
पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र की योजना है। दिशानिर्देशों के अनुसार इसका मकसद देश के सभी भूमिधारक किसान परिवारों को आय में सहारा देना है, जिनके पास खेती की ज़मीन है। इस पेज पर pm kisan scheme eligibility, pm kisan eligibility criteria, pm kisan criteria और पीएम किसान योजना पात्रता मानदंड का मतलब यही नियम हैं। किसान सम्मान निधि योजना के लिए पात्रता की शर्तें भी यही हैं। कुछ लोग इसे pm kisan yojana eligibility, kisan samman nidhi yojana eligibility, पीएम किसान पात्रता और पीएम किसान सम्मान निधि पात्रता भी लिखते हैं।
PM Kisan eligibility में ज़मीन अपने नाम हो
पोर्टल की FAQ के अनुसार ज़मीन किसान के अपने नाम पर होनी चाहिए। अगर ज़मीन विरासत में मिली है और रिकॉर्ड में उसके नाम चढ़ गई है, तो वह पात्र हो सकता है। FAQ के अनुसार जो किसान पिता या पुरखों की ज़मीन जोतता है, पर ज़मीन उसके अपने नाम नहीं है, वह पात्र नहीं है। दिशानिर्देश यह भी कहते हैं कि लाभ सिर्फ़ उन परिवारों को मिलेगा जिनके नाम ज़मीन के रिकॉर्ड में दर्ज हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों और झारखंड के लिए अलग व्यवस्था है।
किरायेदार और बटाईदार किसान
FAQ के अनुसार ज़मीन का मालिकाना ही एकमात्र आधार है, इसलिए दूसरे की ज़मीन पर खेती करने वाले किरायेदार किसान पात्र नहीं हैं। पीआईबी ने दिसंबर 2024 में कहा कि किरायेदार किसानों तक योजना बढ़ाने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
ज़मीन कितनी भी हो (pm-kisan eligibility land limit)
शुरुआत में योजना सिर्फ़ छोटे और सीमांत किसान परिवारों के लिए थी, जिनके पास कुल दो हेक्टेयर तक ज़मीन थी। FAQ के अनुसार योजना को 1 जून 2019 से सभी किसान परिवारों तक बढ़ा दिया गया, चाहे उनकी ज़मीन कितनी भी हो। यानी आज pm-kisan eligibility land limit जैसी कोई ऊपरी सीमा नहीं है। पर इसका मतलब यह नहीं कि बड़े किसान बाहर रखी गई श्रेणियों से बच जाते हैं।
खेत की ज़मीन कैसी हो
- शहरी इलाके की ज़मीन भी पात्र है, पर तभी जब उस पर सचमुच खेती हो रही हो।
- जिन छोटे टुकड़ों पर खेती हो ही नहीं सकती, वे योजना से बाहर हैं।
- खेती की ज़मीन अगर गैर-खेती के काम में इस्तेमाल हो रही है, तो उस पर लाभ नहीं मिलता।
पति, पत्नी और बच्चे: pm kisan yojana husband wife eligibility
योजना में परिवार का मतलब है पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे, जिनके नाम ज़मीन के रिकॉर्ड में हैं। Rs 6,000 साल में प्रति परिवार मिलते हैं, प्रति व्यक्ति नहीं। इसलिए पति और पत्नी, दोनों को अलग-अलग लाभ नहीं मिलना चाहिए। पोर्टल के होम पेज की सूचना में ऐसे मामलों की, जिनमें एक परिवार के एक से ज़्यादा सदस्यों को लाभ मिल रहा है, जाँच की बात है और उनका लाभ भौतिक जाँच पूरी होने तक रोका गया है।
FAQ के अनुसार नाबालिग बच्चे के बालिग बनने की कट-ऑफ तारीख भी 1 फरवरी 2019 है। अगर कई परिवारों के नाम एक ही ज़मीन के हिस्से में दर्ज हों, तो FAQ के अनुसार हर परिवार अलग से पात्र है, बशर्ते वह दूसरे नियमों पर खरा उतरे। और अगर किसी परिवार की ज़मीन अलग-अलग रिकॉर्ड में बँटी है, तो उसे लाभ एक ही जगह मिलता है।
PM Kisan eligibility में कौन पात्र नहीं है: बाहर रखी गई श्रेणियाँ
दिशानिर्देशों में लिखा है कि ज़्यादा आर्थिक हैसियत वाली ये श्रेणियाँ योजना के लाभ के लिए पात्र नहीं हैं। पोर्टल के होम पेज पर भी यही सूची दी गई है:
- सभी संस्थागत भूमिधारक।
- वे किसान परिवार जिनका कोई भी सदस्य इनमें से किसी श्रेणी का हो:
- संवैधानिक पद पर रह चुके या मौजूदा व्यक्ति।
- मंत्री, राज्य मंत्री, सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य, मेयर और ज़िला पंचायत अध्यक्ष, चाहे पूर्व हों या मौजूदा।
- केंद्र या राज्य सरकार, सरकारी उपक्रमों और स्थानीय निकायों के सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी।
- हर महीने Rs 10,000 या उससे ज़्यादा पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त पेंशनर।
- पिछले आकलन वर्ष में आयकर चुकाने वाला कोई भी व्यक्ति।
- डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट, जो पेशेवर संस्था में पंजीकृत हैं और प्रैक्टिस कर रहे हैं।
नए लाभार्थियों के लिए दिशानिर्देश एक और शर्त जोड़ते हैं: आयकर कानून 1961 के हिसाब से अनिवासी भारतीय परिवार लाभ से बाहर हैं।
इन श्रेणियों में तीन बातें ध्यान रखें
- मल्टी टास्किंग स्टाफ, क्लास IV और ग्रुप D। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की श्रेणी में इन्हें शामिल नहीं किया गया है। FAQ के अनुसार सेवारत या सेवानिवृत्त ऐसे कर्मचारी पात्र हैं, बशर्ते उनका परिवार दूसरी किसी बाहर रखी श्रेणी में न आता हो।
- आयकर। FAQ के अनुसार परिवार का कोई भी सदस्य पिछले आकलन वर्ष में आयकर चुकाने वाला रहा हो, तो पूरा परिवार पात्र नहीं है।
- पूरे परिवार पर असर। ये श्रेणियाँ किसान के साथ उसके परिवार के किसी भी सदस्य पर लागू होती हैं।
बाहर रखी गई श्रेणियों की पूरी सूची और उदाहरण कौन पात्र नहीं है पेज पर हैं।
1 फरवरी 2019 की कट-ऑफ: बिक्री, बँटवारा, दान और विरासत
दिशानिर्देशों के अनुसार पात्रता तय करने की कट-ऑफ तारीख 01.02.2019 है। उसमें लिखा है कि इसके बाद के बदलाव अगले 5 साल तक नहीं माने जाएँगे, सिवाय उस ज़मीन के जो मालिक की मृत्यु पर विरासत में मिले। पोर्टल के होम पेज की आज की सूचना में भी 1 फरवरी 2019 के बाद ज़मीन के मालिक बनने को जाँच के मामलों में गिना गया है।
| स्थिति | नियम |
|---|---|
| मालिक की मृत्यु पर ज़मीन विरासत में मिली | उत्तराधिकारी का परिवार पात्र है, अगर बाकी शर्तें पूरी हैं |
| ज़मीन बिक्री, बँटवारे या दान के कागज़ से किसी और को गई (1 फरवरी 2019 के बाद) | नया मालिक पात्र नहीं है, क्योंकि 1 फरवरी 2019 को वह ज़मीन का मालिक नहीं था |
| ऊपर वाली स्थिति में जिसने ज़मीन दी | अगर उसके परिवार के पास इसके बाद कोई खेती की ज़मीन नहीं बचती, तो वह भी अपात्र हो जाता है |
| विरासत के बाद नया परिवार पात्र हो जाए | नए परिवार का ब्योरा जोड़ा जाना चाहिए, ताकि लाभ विरासत लागू होने की तारीख से शुरू हो |
दिशानिर्देशों के अनुसार राज्यों को ज़मीन के रिकॉर्ड के बदलाव, यानी म्यूटेशन, के लिए प्रशासनिक व्यवस्था बनानी है और ज़िम्मेदारी तय करनी है। अगर रिकॉर्ड के बदलाव से परिवार अपात्र हो जाए, तो पोर्टल पर इसे अपडेट करना होता है, ताकि आगे लाभ बंद हो सके।
पात्रता कौन तय करता है: राज्य की भूमिका और स्व-घोषणा
FAQ के अनुसार पात्र परिवारों की पहचान की पूरी ज़िम्मेदारी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों की है। वे अपने ज़मीन के रिकॉर्ड के आधार पर लाभार्थी चुनती हैं। जानकारी की जाँच का तरीका भी राज्य खुद तय करते हैं।
स्व-घोषणा
दिशानिर्देशों के अनुसार बाहर रखी गई श्रेणियों की जाँच के लिए राज्य लाभार्थी की स्व-घोषणा के आधार पर पात्रता प्रमाणित कर सकते हैं। अगर लाभार्थी गाँव में नहीं रहता, तो उसके परिवार के किसी दूसरे बालिग सदस्य की घोषणा पर भी विचार किया जा सकता है। इस घोषणा में लाभार्थी की यह सहमति भी ली जाती है कि सरकार उसके आधार नंबर का इस्तेमाल पात्रता की जाँच के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ कर सकती है।
गलत घोषणा का नतीजा
FAQ और दिशानिर्देश, दोनों में लिखा है कि गलत घोषणा करने पर लाभार्थी से दिया गया पैसा वापस लिया जा सकता है और कानून के हिसाब से दूसरी कार्रवाई भी हो सकती है। पीआईबी के अनुसार राज्यों को अपात्र किसानों को गए पैसे की वसूली करनी है। इसलिए घोषणा सोच-समझकर और सही भरें।
सूची और शिकायत
दिशानिर्देशों के अनुसार पात्र लाभार्थियों की सूची गाँव के स्तर पर प्रकाशित होनी चाहिए और पंचायतों में लगाई जानी चाहिए। जो परिवार पात्र हैं पर बाहर रह गए, उन्हें अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। FAQ के अनुसार सूची से नाम छूटने पर परिवार ज़िला स्तर की शिकायत निवारण निगरानी समिति के पास जा सकता है।
पीएम किसान के दस्तावेज़ और जानकारी: pm kisan documents required
सरकारी स्रोतों में दस्तावेज़ों की कोई अलग सूची नहीं मिली। FAQ में बताया गया है कि रजिस्ट्रेशन के लिए किसान को कौन सी जानकारी और दस्तावेज़ देने होते हैं। pm kisan document, pm kisan documents, pm kisan yojana documents और pm kisan ke liye document का सवाल इसी जानकारी पर टिका है। नीचे की तालिका में हर जानकारी के साथ बताया गया है कि वह कहाँ लिखी है:
| जानकारी या दस्तावेज़ | कहाँ लिखा है |
|---|---|
| आधार नंबर | रजिस्ट्रेशन फॉर्म का पहला पन्ना, FAQ और दिशानिर्देश |
| मोबाइल नंबर | रजिस्ट्रेशन फॉर्म का पहला पन्ना और पीआईबी का नवंबर 2025 का दस्तावेज़ |
| राज्य | रजिस्ट्रेशन फॉर्म का पहला पन्ना |
| नाम, उम्र, लिंग और श्रेणी (SC या ST) | FAQ |
| बैंक खाता नंबर और IFSC कोड | FAQ और दिशानिर्देश |
| पति या पत्नी का नाम और जन्मतिथि | पीआईबी का नवंबर 2025 का दस्तावेज़ |
| ज़मीन का ब्योरा | राज्य के ज़मीन रिकॉर्ड से; दिशानिर्देशों में खसरा नंबर और सर्वे नंबर वैकल्पिक जानकारी में गिने गए हैं |
| स्व-घोषणा | दिशानिर्देश और FAQ |
मोबाइल नंबर ज़रूरी है या नहीं
यहाँ स्रोत अलग-अलग बातें कहते हैं। पोर्टल की पुरानी FAQ में लिखा है कि मोबाइल नंबर अनिवार्य नहीं है, पर जहाँ हो वहाँ देना अच्छा है। पीआईबी के नवंबर 2025 के दस्तावेज़ में मोबाइल नंबर ज़रूरी जानकारी की सूची में है। सरकारी नोट में OTP से e-KYC के लिए आधार से जुड़ा चालू मोबाइल नंबर लिखा है, पर 2 नवंबर 2026 को हमारी जाँच में पोर्टल पर यह विकल्प नहीं मिला; अब e-KYC ऐप में चेहरे की पहचान से होती है। इसलिए pm kisan documents required की जानकारी में
यह सरकार का नियम नहीं, हमारी राय है।
pm kisan document upload: क्या कागज़ अपलोड करने पड़ते हैं
हमारी पोर्टल कॉपी में रजिस्ट्रेशन फॉर्म का सिर्फ़ पहला पन्ना है। उसमें आधार नंबर, मोबाइल नंबर और राज्य के खाने हैं, दस्तावेज़ अपलोड करने का कोई खाना नहीं है। आगे के पन्ने आधार जाँच के बाद खुलते हैं और हमने उन्हें नहीं देखा, इसलिए हम यहाँ अपलोड की गई चीज़ों की कोई सूची नहीं दे रहे। रजिस्ट्रेशन के बाद शिकायत में pm kisan document लगाना हो, तो Helpdesk - Query Form के Appeal बॉक्स में सहायक दस्तावेज़ के लिए हमारी 1 से 2 नवंबर 2026 की जाँच में लिखा था: PDF/JPG only, Max size: 2MB। पेज के कोड में पहले Only PDF files are allowed मिला था, पर असली बॉक्स में PDF/JPG लिखा है।
रजिस्ट्रेशन के लिए दस्तावेज़ों की सूची कहाँ से मिलेगी
pm kisan new registration documents और pm kisan registration documents जैसी सूचियाँ कई साइट पर मिलती हैं, पर वे सरकारी स्रोत नहीं हैं। असली जानकारी के लिए अपने गाँव के पटवारी, राजस्व अधिकारी या राज्य के पीएम किसान नोडल अधिकारी से पूछें। FAQ के अनुसार पात्र किसान गाँव के पटवारी, राजस्व अधिकारी या दूसरे तय अधिकारियों के पास अपनी जानकारी जमा करा सकते हैं।
नए रजिस्ट्रेशन में पात्रता कैसे जाँची जाती है
पीआईबी के अनुसार रजिस्ट्रेशन पोर्टल, मोबाइल ऐप या CSC के ज़रिए होता है। पोर्टल पर New Farmer Registration का फॉर्म खुलता है। pm kisan apply documents की तैयारी के लिए इसका ढाँचा समझ लें। पहले तीन बिंदु फॉर्म के पहले पन्ने और उसके कोड से हैं, इसलिए उनका क्रम पक्का नहीं है:
- फॉर्म के पहले पन्ने पर आधार नंबर, मोबाइल नंबर और राज्य चुनना होता है।
- वहीं लिखा है कि आपका आधार UIDAI से सत्यापित किया जाएगा, और आधार सत्यापित होने पर ही आप रजिस्ट्रेशन आगे बढ़ा सकते हैं।
- फॉर्म में सहमति का एक पॉप-अप है, जिसमें I understand and agree with the above statements पर टिक लगाना होता है और Confirm दबाना होता है।
- FAQ के अनुसार फॉर्म में कुछ ज़रूरी खाने हैं और पात्रता की स्व-घोषणा भी है। भरकर भेजने पर वह अपने आप राज्य के State Nodal Officer के पास जाँच के लिए पहुँचता है।
- State Nodal Officer जानकारी जाँचकर उसे पोर्टल पर अपलोड करता है। उसके बाद डेटा भुगतान की प्रक्रिया में जाता है।
सहमति के पॉप-अप के अनुसार आपका आधार नंबर, फोटो और बाकी जानकारी पहचान की जाँच, पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और पात्रता तय करने के लिए ली जाती है। उसी में लिखा है कि यह सहमति आप किसी भी समय वापस ले सकते हैं।
Farmer ID
पीआईबी के 10 मार्च 2026 के बयान के अनुसार Farmer ID सिर्फ़ नए रजिस्ट्रेशन के लिए अनिवार्य है, और वह भी उन 19 राज्यों में जहाँ किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है। बाकी राज्यों में किसान बिना Farmer ID के रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। विस्तार से Farmer ID और पीएम किसान पेज पर पढ़ें। रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया पीएम किसान रजिस्ट्रेशन पेज पर है।
PM Kisan eligibility की आम गलतियाँ
- ज़मीन किसी और के नाम होना। पिता या दादा की ज़मीन जोतने से पात्रता नहीं बनती, जब तक रिकॉर्ड में नाम न चढ़े।
- किरायेदारी को आधार मान लेना। FAQ के अनुसार सिर्फ़ मालिकाना ही आधार है।
- पति और पत्नी, दोनों का अलग रजिस्ट्रेशन। लाभ परिवार को मिलता है, और ऐसे मामले जाँच में आते हैं।
- 1 फरवरी 2019 के बाद खरीदी या मिली ज़मीन। बिक्री, बँटवारे या दान से मिली ज़मीन पर दिशानिर्देशों के अनुसार नया मालिक पात्र नहीं है।
- आयकर या सरकारी नौकरी की बात छिपाना। गलत घोषणा पर पैसा वापस लिया जा सकता है।
- सिर्फ़ पात्रता को काफ़ी मान लेना। पीआईबी के अनुसार लाभ के लिए ज़मीन का ब्योरा पोर्टल में जुड़ा होना, बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना और e-KYC पूरी होना भी ज़रूरी है। पीएम किसान e-KYC पेज देखें।
- नाम का फर्क। पीआईबी के अनुसार अलग-अलग कागज़ों में नाम अलग होने पर लाभ लेने में दिक्कत आ सकती है।
- गलत बैंक जानकारी। FAQ के अनुसार बैंक खाते की जानकारी के बिना लाभ नहीं दिया जा सकता।
pm kisan eligibility status: अपनी पात्रता कैसे देखें
पीआईबी के अनुसार Know Your Status से किसान अपनी पात्रता और भुगतान की स्थिति जाँच सकते हैं। पोर्टल की होम पेज की सूचना में भी कहा गया है कि संदिग्ध मामलों में किसान अपनी पात्रता की स्थिति Know Your Status, मोबाइल ऐप या Kisan eMitra चैटबॉट पर देखें। चरण PM Kisan status check पेज पर हैं, और स्क्रीन का ब्योरा बेनिफिशियरी स्टेटस पेज पर है। pm kisan eligibility status के लिए Know Your Status का नतीजा हमारी 1 नवंबर 2026 की जाँच में ELIGIBILITY STATUS नाम का हिस्सा दिखाता है, जिसमें Land Seeding, e-KYC Status और Aadhaar Bank Account Seeding Status थे। पोर्टल यह नहीं समझाता कि इसमें pm kisan eligibility criteria की कौन-सी शर्तें गिनी जाती हैं। FAQ के अनुसार PM Kisan eligibility तय करने का काम राज्य सरकारें करती हैं। पैसा न आने की वजह जाँचने के लिए पैसा नहीं आया तो क्या करें पेज देखें। पात्रता जाँचने का हमारा पात्रता चेकर टूल भी है।
इस पेज की जानकारी कहाँ से ली गई है
आख़िरी जाँच: 3 नवंबर 2026।
स्रोत: हमारी 1 से 3 नवंबर 2026 की जाँच (असली पोर्टल और ऐप की तस्वीरें); योजना के संशोधित संचालन दिशानिर्देश, जिन पर 29.03.2020 की तारीख लिखी है; पोर्टल पर रखी संशोधित FAQ और 2021 की FAQ; pmkisan.gov.in के होम पेज की सूचना और New Farmer Registration फॉर्म का पहला पन्ना (29 अक्टूबर 2026 को देखे गए); और पीआईबी के बयान: दिसंबर 2024, जुलाई 2025, नवंबर 2025 और 10 मार्च 2026।
दिशानिर्देश 2020 के हैं। हमें 2024 से 2026 के बीच पात्रता के इन नियमों में बदलाव की कोई सरकारी घोषणा नहीं मिली। इंटरनेट पर कई ब्लॉग नए नियमों के दावे करते हैं, पर हमने उन्हें स्रोत नहीं माना। यह सरकारी वेबसाइट नहीं है, और हम किसी सरकारी विभाग से जुड़े नहीं हैं। हमारी नीतियाँ यहाँ हैं: अस्वीकरण और सुधार और अपडेट।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल: pm kisan eligibility
1 Who is eligible for PM Kisan, यानी कौन पात्र है?
वह भूमिधारक किसान परिवार जिसके नाम पर खेती की ज़मीन दर्ज है और जो बाहर रखी गई श्रेणियों में नहीं आता। परिवार का मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं। ज़मीन कितनी भी हो सकती है।
2 PM Kisan samman nidhi eligibility in hindi: क्या कोई ज़मीन की सीमा है?
नहीं। शुरुआत में दो हेक्टेयर तक की सीमा थी, पर FAQ के अनुसार 1 जून 2019 से योजना सभी किसान परिवारों के लिए है, चाहे ज़मीन कितनी भी हो।
3 क्या पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग पैसा मिलेगा?
नहीं। Rs 6,000 प्रति परिवार मिलते हैं, और परिवार में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे आते हैं। पोर्टल की सूचना में ऐसे मामलों की जाँच की बात है, जहाँ एक परिवार के एक से ज़्यादा सदस्यों को लाभ मिल रहा है।
4 क्या किरायेदार या बटाईदार किसान पात्र हैं?
नहीं। FAQ के अनुसार ज़मीन का मालिकाना ही एकमात्र आधार है। पीआईबी ने दिसंबर 2024 में कहा कि इसे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
5 PM Kisan documents required क्या-क्या हैं?
सरकारी स्रोतों में दस्तावेज़ों की कोई अलग सूची नहीं है। जानकारी के रूप में आधार नंबर, मोबाइल नंबर, राज्य, नाम, उम्र, लिंग, श्रेणी, बैंक खाता नंबर, IFSC कोड और स्व-घोषणा माँगी जाती है। ऊपर की तालिका में हर एक का स्रोत लिखा है।
6 क्या रजिस्ट्रेशन में कागज़ अपलोड करने पड़ते हैं?
हमारी कॉपी में रजिस्ट्रेशन फॉर्म का सिर्फ़ पहला पन्ना है, जिसमें अपलोड का कोई खाना नहीं है। आगे के पन्ने हमने नहीं देखे, इसलिए अपलोड की सूची हम नहीं दे सकते। अपने पटवारी या राज्य के नोडल अधिकारी से पूछें।
7 मोबाइल नंबर देना ज़रूरी है या नहीं?
पुरानी FAQ में यह अनिवार्य नहीं था। पीआईबी के नवंबर 2025 के दस्तावेज़ में यह ज़रूरी जानकारी में है। सरकारी नोट के अनुसार OTP से e-KYC के लिए आधार से जुड़ा चालू मोबाइल नंबर चाहिए, पर 2 नवंबर 2026 को हमारी जाँच में पोर्टल पर यह विकल्प नहीं मिला; अब e-KYC ऐप में चेहरे की पहचान से होती है। इसलिए हमारी सलाह है कि pm kisan documents required की तैयारी में इसे रखें और रजिस्ट्रेशन में दें।
8 1 फरवरी 2019 के बाद ज़मीन खरीदी हो तो क्या पात्र हूँ?
दिशानिर्देशों के अनुसार बिक्री, बँटवारे या दान से मिली ज़मीन पर नया मालिक पात्र नहीं है, क्योंकि 1 फरवरी 2019 को वह ज़मीन का मालिक नहीं था। विरासत में मिली ज़मीन का नियम अलग है, उसमें उत्तराधिकारी पात्र हो सकता है।
9 क्या सरकारी कर्मचारी या पेंशनर पात्र हैं?
सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी पात्र नहीं हैं। मल्टी टास्किंग स्टाफ, क्लास IV और ग्रुप D के कर्मचारी इस रोक में नहीं आते। Rs 10,000 या उससे ज़्यादा पेंशन पाने वाले पेंशनर भी पात्र नहीं हैं, और यहाँ भी इन तीनों वर्गों को छूट है। पूरी सूची ऊपर और कौन पात्र नहीं है पेज पर है।
10 क्या आयकर देने वाला किसान पात्र है?
नहीं। FAQ के अनुसार परिवार का कोई भी सदस्य पिछले आकलन वर्ष में आयकर चुकाने वाला रहा हो, तो पूरा परिवार पात्र नहीं है।
11 PM Kisan eligibility status कैसे देखें?
PM Kisan eligibility status के लिए Know Your Status में पंजीकरण नंबर, captcha और OTP से अपनी पात्रता और भुगतान की स्थिति देखें। नतीजे में ELIGIBILITY STATUS हिस्सा है। मोबाइल ऐप या Kisan eMitra चैटबॉट से भी देखा जा सकता है।
12 क्या अनिवासी भारतीय परिवार पात्र हैं?
दिशानिर्देशों के अनुसार नए लाभार्थियों के लिए आयकर कानून 1961 के हिसाब से अनिवासी भारतीय परिवार लाभ से बाहर हैं।
अब आप PM Kisan eligibility के नियम, बाहर रखी गई श्रेणियाँ, कट-ऑफ तारीख और ज़रूरी जानकारी की सूची जान चुके हैं। अपनी स्थिति की पुष्टि हमेशा pmkisan.gov.in या अपने राज्य के नोडल अधिकारी से करें।