मुख्य सामग्री पर जाएँ
स्वतंत्र जानकारी गाइड। यह सरकारी वेबसाइट नहीं है। पीएम किसान योजना से इसका कोई संबंध नहीं। आख़िरी जाँच: 3 नवंबर 2026

लोकप्रिय खोज

खोज आपके ब्राउज़र में ही चलती है। आप जो लिखते हैं, वह कहीं भेजा नहीं जाता।

इस वेबसाइट के बारे में

PM Kisan Eligibility Checker

pm kisan eligibility checker आपके जवाबों को पोर्टल की प्रकाशित बहिष्करण सूची से मिलाता है। इससे पता चलता है कि आप किसी बाहर रखी गई श्रेणी में आते हैं या नहीं। वह यह नहीं बताता कि आप पात्र हैं। रिकॉर्ड की जाँच और मंज़ूरी राज्य करता है।

आख़िरी जाँच: 31 अक्टूबर 2026 पढ़ने में लगभग 8 मिनट

प्रकाशित बहिष्करण सूची से मिलान

जो बात आप पर लागू हो, उसे चुनें। कोई नाम, नंबर या दस्तावेज़ नहीं भरना।

1. क्या परिवार (पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे) के नाम खेती की ज़मीन है?
2. इनमें से जो बातें लागू हों, चुनें (कुछ न लागू हो तो खाली छोड़ें)

यह सूची पोर्टल के होम पेज और संशोधित दिशानिर्देशों की है। यह टूल पात्रता तय नहीं करता। किसी परिवार पर नियम कैसे लगेगा, यह राज्य सरकार तय करती है, और हमने उसे अलग से नहीं जाँचा।

pm kisan eligibility checker: भूमिधारक परिवार, बाहर रखी श्रेणी, आधार से जुड़ा बैंक खाता और e-KYC। इन्फोग्राफिक: पात्रता की जाँच: चार सवाल
इस तस्वीर का पाठ पढ़ें

पात्रता की जाँच: चार सवाल

  • भूमिधारक किसान परिवार? : पति, पत्नी, नाबालिग बच्चे
  • बाहर रखी श्रेणी में? : सूची में देखें
  • आधार से जुड़ा बैंक खाता? : DBT के लिए
  • e-KYC हुई? : पोर्टल पर अनिवार्य बताई गई

अंतिम फैसला राज्य सरकार का

पीएम किसान के लिए पात्रता के सवाल अक्सर इसी रूप में आते हैं: मेरे परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, तो क्या होगा? मैंने आयकर दिया है, तो? ज़मीन हाल में ली है, तो? pm kisan eligibility checker इन्हीं सवालों के लिए बना है। उसमें आप जो बात लागू हो, चुनते हैं। टूल कोई नाम, नंबर या दस्तावेज़ नहीं माँगता, और जवाब कहीं सेव नहीं होते।

pm kisan eligibility checker किस सूची से मिलान करता है

पोर्टल के होम पेज के अनुसार पीएम किसान केंद्र की योजना है, जिसमें पूरा पैसा भारत सरकार देती है। इसमें सभी भूमिधारक किसान परिवारों को Rs 6,000 सालाना तीन बराबर किस्तों में मिलने की बात है, यानी हर किस्त Rs 2,000। पोर्टल के अनुसार परिवार का मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं। कौन-से परिवार पात्र हैं, यह राज्य और केंद्रशासित प्रदेश की सरकारें योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार तय करती हैं।

टूल का विकल्पपोर्टल की बहिष्करण सूची में क्या है
संस्था के नाम ज़मीनसभी संस्थागत भूमिधारक
संवैधानिक पदसंवैधानिक पद के वर्तमान या पूर्व धारक वाले किसान परिवार
मंत्री, सांसद, विधायक आदिवर्तमान या पूर्व मंत्री, राज्य मंत्री, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, नगर निगम के महापौर, ज़िला पंचायत के अध्यक्ष
सरकारी अधिकारी या कर्मचारीकेंद्र या राज्य सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी, और स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारी (MTS, Class IV और Group D को छोड़कर)
पेंशनरमासिक पेंशन Rs 10,000 या ज़्यादा वाले सेवानिवृत्त पेंशनर (वही अपवाद)
आयकरपिछले आकलन वर्ष में आयकर देने वाले व्यक्ति
पेशेवरपंजीकृत और प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट

सूची के शब्द हमने अपने शब्दों में दिए हैं। पूरी और सही सूची पोर्टल के होम पेज पर Scheme Exclusion में है। इस सूची से जुड़ी और बातें कौन पात्र नहीं है और पात्रता और दस्तावेज़ पर हैं।

ज़मीन की तारीख और संदिग्ध मामले

संशोधित दिशानिर्देशों की धारा 5.2 के अनुसार पात्रता तय करने की कट-ऑफ तारीख 01.02.2019 है। मृत्यु के कारण उत्तराधिकार में मिली ज़मीन पर यह तारीख लागू नहीं होती। धारा 5.3.3 के अनुसार जिसे ज़मीन बिक्री, बँटवारे या उपहार के दस्तावेज़ से 01.02.2019 के बाद मिली, वह पात्र नहीं होगा।

पोर्टल के होम पेज के Important Note में विभाग ने कुछ संदिग्ध मामले गिनाए हैं: जिन्होंने 01-02-2019 के बाद ज़मीन का मालिकाना पाया, और जहाँ एक परिवार के एक से ज़्यादा सदस्य (जैसे पति और पत्नी) लाभ ले रहे हैं। ऐसे मामलों में भौतिक जाँच पूरी होने तक लाभ अस्थायी रूप से रोका गया है। पोर्टल किसानों से Know Your Status, मोबाइल ऐप या Kisan eMitra चैटबॉट पर पात्रता की स्थिति देखने को कहता है। टूल इन्हीं दो बातों को अलग से चिन्हित करता है, क्योंकि इनमें जाँच का ज़िक्र है, सीधी बाहर-रखी जाने की बात नहीं।

पात्रता के अलावा भुगतान की दो शर्तें

तस्वीर के चार सवालों में से पहले दो को टूल जाँचता है। बाकी दो भुगतान से जुड़ी हैं।

  • आधार से जुड़ा बैंक खाता: संशोधित दिशानिर्देशों की धारा 10.2 से 10.4 के अनुसार भुगतान आधार से जुड़े खाते में PFMS और प्रायोजक बैंक के ज़रिए होता है।
  • e-KYC: पोर्टल के होम पेज के अनुसार पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC अनिवार्य है। पीआईबी (29 जुलाई 2025) के अनुसार जिन्होंने ज़रूरी शर्तें पूरी नहीं कीं, उनके लाभ रोके गए, और शर्तें पूरी होने पर बकाया किस्तें, यदि कोई हों, मिलती हैं। देखें पीएम किसान e-KYC और आधार बैंक लिंक और DBT।

टूल के नतीजे को कैसे पढ़ें

  1. ज़मीन नहीं है: पोर्टल के अनुसार योजना भूमिधारक परिवारों के लिए है। राज्य के नोडल अधिकारी से पूछें।
  2. कोई श्रेणी नहीं चुनी: इसका मतलब यह नहीं कि आप पात्र हैं। रिकॉर्ड की जाँच और मंज़ूरी राज्य करता है।
  3. सूची की श्रेणी चुनी: इससे यह तय नहीं होता कि आपका लाभ बंद होगा। पीआईबी (29 जुलाई 2025) के अनुसार अपात्र श्रेणी में पाए गए मामलों में दी गई रकम की वसूली की जाती है, और Revised FAQ के अनुसार बहिष्करण शर्तों में आने के कारण अस्वीकार हुए आवेदन को बाद में बकाया किस्त नहीं मिलती। फैसला राज्य का है।

यह हमारी सलाह है। शिकायत और अधिकारी खोजने के रास्ते शिकायत दर्ज करने का तरीका पर हैं।

इस पेज की जानकारी कहाँ से ली गई है

आख़िरी जाँच: 31 अक्टूबर 2026।

स्रोत: pmkisan.gov.in के होम पेज की 29 और 31 अक्टूबर 2026 की कॉपी (Scheme Exclusion और Important Note); संशोधित दिशानिर्देश (धारा 3, 4, 5.2, 5.3.3, 10.2 से 10.4) और Revised FAQ; पीआईबी की 29 जुलाई 2025 की विज्ञप्ति। हमने किसी असली रिकॉर्ड से टूल की जाँच नहीं की।

यह सरकारी वेबसाइट नहीं है। सलाह और अनुमान चिन्हित हैं। अस्वीकरण और सुधार और अपडेट पढ़ें। स्टेटस चेक का सामान्य तरीका पीएम किसान स्टेटस चेक पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल: pm kisan eligibility checker

1 pm kisan eligibility checker क्या है?

यह एक टूल है जो आपके जवाब पोर्टल की प्रकाशित बहिष्करण सूची से मिलाता है। वह पात्रता तय नहीं करता। पात्रता राज्य सरकार तय करती है।

2 क्या टूल बता सकता है कि मैं पात्र हूँ?

नहीं। वह केवल बताता है कि आप सूची की किसी श्रेणी में आते हैं या नहीं। सूची में न आने से पात्रता पक्की नहीं होती। रिकॉर्ड की जाँच और मंज़ूरी राज्य करता है।

3 किसान परिवार का मतलब क्या है?

पोर्टल के अनुसार परिवार का मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं, जिनके नाम राज्य के भूमि रिकॉर्ड के अनुसार खेती की ज़मीन है। यह संशोधित दिशानिर्देशों की धारा 3 में है।

4 सरकारी नौकरी वाले का क्या नियम है?

पोर्टल की बहिष्करण सूची में केंद्र या राज्य सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी हैं। MTS, Class IV और Group D को छोड़ा गया है। यह परिवार पर कैसे लागू होगा, यह राज्य तय करता है।

5 पेंशन की सीमा कितनी है?

पोर्टल के अनुसार मासिक पेंशन Rs 10,000 या ज़्यादा वाले सेवानिवृत्त पेंशनर बाहर रखे गए हैं। MTS, Class IV और Group D वाले इस अपवाद में नहीं आते।

6 मैंने 2019 के बाद ज़मीन ली है, तो?

संशोधित दिशानिर्देशों की धारा 5.2 और 5.3.3 में कट-ऑफ तारीख 01.02.2019 है। मृत्यु के कारण उत्तराधिकार में मिली ज़मीन पर यह तारीख लागू नहीं होती। पोर्टल का Important Note ऐसे मामलों को संदिग्ध बताकर भौतिक जाँच की बात करता है।

7 क्या पति और पत्नी दोनों को लाभ मिल सकता है?

पोर्टल के Important Note के अनुसार एक परिवार के एक से ज़्यादा सदस्य को लाभ मिलने के मामले संदिग्ध माने गए हैं और उनमें भौतिक जाँच पूरी होने तक लाभ रोका गया है। परिवार का मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे है।

8 क्या टूल मेरी जानकारी सेव करता है?

नहीं। जो आप चुनते हैं, वह इसी पेज पर रहता है और कहीं नहीं भेजा जाता। टूल कोई नाम, नंबर या दस्तावेज़ नहीं माँगता।

9 अपात्र पाए जाने पर क्या होता है?

पीआईबी (29 जुलाई 2025) के अनुसार अपात्र श्रेणी के मामलों में दी गई रकम की वसूली की जाती है। हम किसी के बारे में यह नहीं कह सकते कि वह अपात्र है। राज्य के नोडल अधिकारी से पूछें।

pm kisan eligibility checker सूची से मिलान करता है, पात्रता नहीं बताता। रिकॉर्ड और पात्रता केवल pmkisan.gov.in और राज्य के अधिकारी से जाँचें।

आख़िरी जाँच: 31 अक्टूबर 2026 · स्रोत: pmkisan.gov.in के होम पेज की Scheme Exclusion सूची और Important Note, संशोधित दिशानिर्देश और Revised FAQ, और पीआईबी की 29 जुलाई 2025 की विज्ञप्ति।